Book an Appointment Now!
Call: +91 99728 99728

मां बनना हर महिला की जिंदगी का सबसे खूबसूरत पड़ाव होता है, लेकिन डिलीवरी के बाद शरीर में होने वाले बदलावों को लेकर मन में कई सवाल भी उठते हैं। इनमें सबसे आम सवाल है - डिलीवरी के बाद पीरियड कब वापस आते हैं? कई महिलाएं डिलीवरी के तुरंत बाद होने वाली ब्लीडिंग को ही पीरियड समझ लेती हैं, जबकि असलियत में यह कुछ और ही प्रक्रिया होती है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि delivery ke baad periods kab aate hai, इसमें ब्रेस्टफीडिंग की क्या भूमिका होती है, कौन-कौन सी समस्याएं सामने आ सकती हैं, और पीरियड को नियमित करने के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं।

डिलीवरी के बाद होने वाली ब्लीडिंग और पीरियड में फर्क

डिलीवरी के बाद होने वाली ब्लीडिंग और पीरियड में फर्क

डिलीवरी के तुरंत बाद जो ब्लीडिंग शुरू होती है, उसे लोकिया (Lochia) कहा जाता है, न कि पीरियड। यह गर्भाशय के अंदर उस जगह से आती है जहां प्लेसेंटा जुड़ा हुआ था, और यह शरीर की हीलिंग प्रक्रिया का हिस्सा है।

लोकिया आमतौर पर तीन चरणों में बदलती है:

● शुरुआती 3-4 दिन गहरे लाल रंग की और भारी मात्रा में होती है

● अगले कुछ दिनों में यह हल्के गुलाबी या भूरे रंग की हो जाती है

● अंत में यह पीली या सफेद हो जाती है और धीरे-धीरे बंद हो जाती है

यह प्रक्रिया आमतौर पर 4 से 6 हफ्तों में पूरी हो जाती है। असली पीरियड तब शुरू होता है जब लोकिया पूरी तरह बंद हो जाए और कुछ दिनों के गैप के बाद दोबारा ब्लीडिंग शुरू हो।

डिलीवरी के बाद पीरियड कब आते हैं?

पीरियड्स दोबारा शुरू होने का समय हर महिला के लिए अलग हो सकता है, और यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि आप बच्चे को स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) करा रही हैं या नहीं।

1. स्तनपान न कराने वाली महिलाएं

अगर आप बच्चे को स्तनपान नहीं करा रही हैं, तो पीरियड्स सामान्यतः डिलीवरी के 6 से 8 हफ्तों के भीतर दोबारा शुरू हो सकते हैं।

2. पूर्ण स्तनपान कराने वाली महिलाएं

जो महिलाएं बच्चे को पूरी तरह स्तनपान कराती हैं (एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग), उनमें प्रोलैक्टिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो ओव्यूलेशन को रोकता है। ऐसे में पीरियड्स लौटने में 6 महीने तक या उससे अधिक का समय भी लग सकता है।

3. आंशिक स्तनपान कराने वाली महिलाएं

अगर स्तनपान के साथ-साथ ऊपर का दूध या फार्मूला भी दिया जा रहा है, तो पीरियड्स सामान्यतः 3 से 4 महीने के भीतर शुरू हो सकते हैं।

डिलीवरी के तरीके का असर

बहुत सी महिलाओं को यह लगता है कि डिलीवरी का तरीका (नॉर्मल या सी-सेक्शन) पीरियड्स लौटने के समय को प्रभावित करता है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है।

नॉर्मल डिलीवरी के बाद

नॉर्मल डिलीवरी के बाद पीरियड्स आने का समय मुख्य रूप से स्तनपान और हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है, न कि डिलीवरी के तरीके पर। शुरुआती लोकिया डिस्चार्ज सामान्यतः 4-6 हफ्तों में कम हो जाता है।

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद

सी-सेक्शन के बाद भी पीरियड्स लौटने का पैटर्न लगभग वैसा ही रहता है जैसा नॉर्मल डिलीवरी में होता है, क्योंकि यह प्रक्रिया गर्भाशय और ओवरी के हार्मोनल फंक्शन से जुड़ी है, न कि डिलीवरी के तरीके से। हालांकि, सी-सेक्शन के बाद शरीर को ठीक होने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है, इसलिए शुरुआती हफ्तों में भारी शारीरिक गतिविधि से बचना जरूरी होता है, जिससे रिकवरी प्रभावित न हो।

ध्यान रखने वाली बात: दोनों ही तरीकों में स्तनपान सबसे बड़ा कारक होता है जो पीरियड्स के लौटने के समय को तय करता है, डिलीवरी का तरीका इसमें सीधा असर नहीं डालता।

पीरियड आने से पहले भी प्रेगनेंसी संभव है

पीरियड आने से पहले भी प्रेगनेंसी संभव है

यह जानकारी हर नई मां के लिए बेहद जरूरी है - पीरियड शुरू होने से पहले भी गर्भधारण हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ओव्युलेशन पीरियड आने से करीब दो हफ्ते पहले होता है। अगर इस दौरान असुरक्षित यौन संबंध बनाए जाएं, तो प्रेगनेंसी की संभावना बनी रहती है, भले ही पीरियड अभी शुरू न हुआ हो। इसलिए अगर आप अभी दूसरी प्रेगनेंसी नहीं चाहतीं, तो डॉक्टर से गर्भनिरोधक विकल्पों के बारे में जरूर बात करें।

डिलीवरी के बाद पहला पीरियड कैसा होता है?

डिलीवरी के बाद पहले कुछ महीनों में पीरियड से जुड़ी कई तरह की परेशानियाँ देखने को मिल सकती हैं, जो ज़्यादातर सामान्य होती हैं:

● हैवी ब्लीडिंग: शुरुआती पीरियड्स में ब्लीडिंग सामान्य से ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि गर्भाशय की लाइनिंग में बदलाव होते हैं।

● अनियमित साइकिल: पहले 3–4 पीरियड्स में समय आगे-पीछे हो सकता है। यह धीरे-धीरे नियमित हो सकता है।

● ज़्यादा या कम क्रैम्प्स: कुछ महिलाओं को पहले से ज़्यादा दर्द महसूस होता है, तो कुछ को राहत मिलती है।

● पीरियड की अवधि में बदलाव: पहले से ज़्यादा या कम दिनों तक पीरियड चल सकता है।

● पीरियड का काफी देर तक न आना: ब्रेस्टफीडिंग बंद करने के बाद भी अगर लंबे समय तक पीरियड न आए, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

डिलीवरी के बाद पीरियड लाने के उपाय

अगर ब्रेस्टफीडिंग बंद करने या बच्चे के बड़े होने के बावजूद पीरियड आने में सामान्य से ज्यादा देरी हो रही है, तो कुछ जीवनशैली से जुड़े उपाय अपनाए जा सकते हैं। ध्यान रहे कि किसी भी समस्या के गंभीर होने पर घरेलू उपायों पर निर्भर रहने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

● संतुलित आहार लें: प्रोटीन, आयरन और विटामिन से भरपूर भोजन शरीर को जल्दी रिकवर होने में मदद करता है

● तनाव कम करें: प्रसव के बाद तनाव और नींद की कमी हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकती है, इसलिए पर्याप्त आराम जरूरी है

● नियमित हल्की एक्सरसाइज करें: डॉक्टर की सलाह अनुसार वॉकिंग या हल्का योग रक्त संचार बेहतर बनाता है और हार्मोन संतुलन में मदद करता है

● पर्याप्त पानी पिएं: शरीर को हाइड्रेटेड रखना समग्र रिकवरी के लिए फायदेमंद है

● फीडिंग पैटर्न पर ध्यान दें: धीरे-धीरे फीडिंग फ्रीक्वेंसी कम करने से प्रोलैक्टिन लेवल घटता है, जिससे ओव्युलेशन और पीरियड वापस आने में मदद मिल सकती है

Book an online appointment with Dr. Juhi Sisodia for Pregnancy & Gynecology related issues

डॉक्टर से कब मिलें?

निम्नलिखित स्थितियों में देर न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

● हर 1-2 घंटे में पैड बदलना पड़े इतनी हैवी ब्लीडिंग हो

● बड़े आकार के क्लॉट्स (खून के थक्के) बार-बार आएं

● ब्लीडिंग के साथ तेज बदबू या बुखार हो।

● 8 हफ्ते बाद भी लोकिया बंद न हो।

● बिना ब्रेस्टफीडिंग के 3 महीने बाद भी पीरियड शुरू न हो।

पोस्ट-डिलीवरी जांच और सलाह के लिए Cloudnine Hospitals के विशेष प्रसूति एवं स्त्री रोग सुविधाओं वाली जगह पर परामर्श लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जहां अनुभवी गायनेकोलॉजिस्ट आपकी पोस्टपार्टम रिकवरी को सही तरीके से मॉनिटर करने में मदद कर सकते हैं।

Book an appointment

निष्कर्ष

डिलीवरी के बाद पीरियड कब आएगा, यह हर महिला के लिए अलग हो सकता है और मुख्य रूप से ब्रेस्टफीडिंग के तरीके पर निर्भर करता है। शुरुआती अनियमितता और बदलाव सामान्य हैं, लेकिन शरीर के संकेतों को समझना और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद ज़रूरी है। सबसे अहम बात यह याद रखना है कि पीरियड शुरू होने से पहले भी प्रेगनेंसी संभव है, इसलिए परिवार नियोजन को लेकर समय रहते जागरूक और सतर्क रहें।

Want to consult the best gynecologists in India? Please find the links below.

  1. Best Gynecologist Doctor In Hyderabad
  2. Best Gynac Near Me In Bangalore
  3. Best Gynecologist Near Me In Chennai
  4. Best Gynecologist In Chandigarh
  5. Top Gynecologist Doctor In Faridabad
  6. Top Gynaecologist Specialists In Gurugram
  7. Best Gynecologist Specialists In Ludhiana
  8. Top Gynecologist Doctor Near Me In Lucknow
  9. Top Gynac Near Me In New Delhi
  10. Best Gynecologist Doctor Near Me In Mumbai
  11. Best Gynecologist Doctor In Noida
  12. Best Gynac Near Me In Panchkula
  13. Best Gynecologist Near Me In Pune
  14. Best Gynecologist In Ghaziabad
  15. Top Gynecologist Doctor In Jalandhar

Want to consult the best Maternity Packages in India? Please find the links below.

  1. Best Pregnancy Packages In Hyderabad
  2. Best Delivery Package In Bangalore
  3. Best Pregnancy Delivery Package In Chennai
  4. Best Birthing Package In Chandigarh
  5. Top Maternity Package In Faridabad
  6. Best Maternity Package In Gurugram
  7. Best Pregnancy Packages In Ludhiana
  8. Best Delivery Package In Lucknow
  9. Best Pregnancy Delivery Package In New Delhi
  10. Best Birthing Package In Mumbai
  11. Top Maternity Package In Noida
  12. Best Maternity Package In Panchkula
  13. Best Pregnancy Packages In Pune
  14. Best Delivery Package In Ghaziabad
  15. Best Pregnancy Delivery Package In Jalandhar

Get the right solution today

Thank you! Your submission has been received!
Oops! Something went wrong while submitting the form.
Maternity
Gynaecology
Fertility
Neonatal Care
Paediatric Care
NICU
PICU
Radiology
Physiotherapy
Nutrition and Dietetics
Breastfeeding Support
Allied Services
Stem Cell Banking
Bengaluru
Chandigarh
Chennai
Faridabad
Ghaziabad
Gurugram
Hyderabad
Jalandhar
Lucknow
Ludhiana
Mohali
Mumbai
New Delhi
Noida
Panchkula
Pune

Frequently Asked Questions

डिलीवरी के बाद पहला पीरियड कितने समय में आता है?

यह फीडिंग के तरीके पर निर्भर करता है। ब्रेस्टफीडिंग न कराने पर पीरियड कुछ महिलाओं में 6–8 हफ्तों के आसपास वापस आ सकता है, जबकि एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग में 6 महीने या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है।

क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान भी पीरियड आ सकता है?

हाँ, फीडिंग की फ्रीक्वेंसी कम होने या बच्चे को सॉलिड फूड शुरू करने पर पीरियड वापस आ सकता है।

क्या सी-सेक्शन के बाद पीरियड देर से आता है?

नहीं, डिलीवरी का तरीका पीरियड की टाइमिंग को सीधे प्रभावित नहीं करता। यह मुख्यतः ब्रेस्टफीडिंग और शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों पर निर्भर करता है।

पीरियड न आने पर भी क्या प्रेगनेंसी संभव है?

हाँ, बिल्कुल। ओव्युलेशन पीरियड से पहले होता है, इसलिए पीरियड शुरू होने से पहले भी गर्भधारण हो सकता है।

//form validation// //form validation 2//