Book an Appointment Now!
Call: +91 99728 99728

प्रेगनेंसी यानी गर्भावस्था हर महिला के जीवन का एक बेहद खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान मां और बच्चे, दोनों की सेहत पर लगातार नज़र रखना बहुत ज़रूरी होता है, और इसमें अल्ट्रासाउंड की अहम भूमिका होती है। बहुत-सी महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर प्रेगनेंसी के दौरान 1 से 9 महीने के बीच कितनी बार अल्ट्रासाउंड करवाना चाहिए, इन्हें किस समय करवाया जाता है और इनका क्या महत्व है।

प्रेगनेंसी में सामान्यतः कितने अल्ट्रासाउंड होते हैं?

प्रेगनेंसी में सामान्यतः कितने अल्ट्रासाउंड होते हैं?

एक सामान्य, बिना किसी जटिलता वाली प्रेगनेंसी में डॉक्टर आमतौर पर 3 से 4 अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं। हालांकि, अगर प्रेगनेंसी हाई-रिस्क हो, यानी मां को डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर, ट्विन प्रेगनेंसी या किसी अन्य प्रकार की मेडिकल कॉम्प्लिकेशन हो, तो डॉक्टर ज़रूरत के हिसाब से इससे अधिक स्कैन भी करवा सकते हैं। यह पूरी तरह मां और बच्चे की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए हर महिला के लिए यह संख्या अलग हो सकती है।

अगर आप सही समय पर सही अल्ट्रासाउंड करवाना चाहती हैं, तो Cloudnine जैसे प्रतिष्ठित मैटरनिटी अस्पताल में एक्सपर्ट गायनेकोलॉजिस्ट  की देखरेख में यह जांच करवाना बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि वहां अनुभवी डॉक्टर और आधुनिक तकनीक, दोनों उपलब्ध हैं।

प्रेगनेंसी के अलग-अलग चरणों में होने वाले अल्ट्रासाउंड

1. डेटिंग स्कैन (6 से 9 सप्ताह)

यह अक्सर प्रेगनेंसी के शुरुआती चरण में किया जाने वाला पहला अल्ट्रासाउंड होता है, जिसका उद्देश्य यह पुष्टि करना होता है कि प्रेगनेंसी गर्भाशय के अंदर ही है (और एक्टोपिक नहीं है), बच्चे का दिल धड़क रहा है या नहीं, और डिलीवरी की अनुमानित तारीख (EDD) क्या होगी।

2. NT स्कैन या अर्ली एनॉमली स्कैन (11 से 14 सप्ताह)

इस स्कैन में बच्चे की गर्दन के पीछे मौजूद तरल पदार्थ (Nuchal Translucency) की मोटाई मापी जाती है, जिससे डाउन सिंड्रोम जैसी क्रोमोसोमल समस्याओं का शुरुआती अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

3. एनॉमली स्कैन या लेवल-2 स्कैन (18 से 22 सप्ताह)

इसे "मिड-प्रेगनेंसी स्कैन" भी कहा जाता है और यह सबसे महत्वपूर्ण अल्ट्रासाउंड में से एक माना जाता है। इसमें बच्चे के दिल, दिमाग, रीढ़ की हड्डी, किडनी और अन्य अंगों की बारीकी से जांच की जाती है, ताकि किसी भी जन्मजात असामान्यता का समय रहते पता चल सके।

 फीटल इको या भ्रूण इकोकार्डियोग्राफी (20 से 24 सप्ताह)

4. फीटल इको या भ्रूण इकोकार्डियोग्राफी (20 से 24 सप्ताह)

फीटल इको एक विशेष प्रकार का अल्ट्रासाउंड है, जिसमें बच्चे के दिल की बनावट, धड़कन और रक्त प्रवाह की बारीकी से जांच की जाती है। यह स्कैन खासतौर पर उन मामलों में करवाने की सलाह दी जाती है जहां:

मां को डायबिटीज़ हो

परिवार में पहले किसी बच्चे को दिल से जुड़ी जन्मजात समस्या रही हो

NT स्कैन या एनॉमली स्कैन में कोई असामान्यता दिखी हो

मां की उम्र अधिक हो या प्रेगनेंसी हाई-रिस्क कैटेगरी में आती हो

IVF के ज़रिए कंसीव किया गया हो

फीटल इको के ज़रिए दिल की संरचना में किसी भी जन्मजात खराबी (Congenital Heart Defect) का समय रहते पता लगाया जा सकता है, जिससे डिलीवरी से पहले ही आगे की योजना बनाई जा सकती है और ज़रूरत पड़ने पर पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह भी ली जा सकती है।

5. ग्रोथ स्कैन (28 से 32 सप्ताह)

इस चरण में बच्चे के विकास, वज़न, एम्नियोटिक फ्लूइड की मात्रा और प्लेसेंटा की स्थिति की जांच की जाती है।

6. फाइनल स्कैन (34 से 36 सप्ताह, ज़रूरत पड़ने पर)

डिलीवरी के करीब कई बार डॉक्टर एक और स्कैन करवाते हैं, ताकि बच्चे की पोज़िशन (सिर नीचे है या नहीं), प्लेसेंटा की स्थिति और डिलीवरी की तैयारियों का आकलन किया जा सके।

अल्ट्रासाउंड का महत्व

बच्चे की सही ग्रोथ और विकास पर नज़र रखना।

किसी भी जन्मजात बीमारी या असामान्यता का समय पर पता लगाना।

डिलीवरी की सही तारीख का अनुमान लगाना।

गर्भ में बच्चे की स्थिति और प्लेसेंटा की जांच करना।

ट्विन या मल्टीपल प्रेगनेंसी की पहचान करना।

मां और बच्चे, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

इन कारणों से डॉक्टर हमेशा सलाह देते हैं कि तय समय पर सभी अल्ट्रासाउंड जांचें ज़रूर करवाई जाएं। कई महिलाएं इसके लिए Cloudnine Hospital जैसे अस्पतालों को प्राथमिकता देती हैं, क्योंकि वहां हर स्कैन की रिपोर्ट गायनेकोलॉजिस्ट स्वयं विस्तार से समझाते हैं, जिससे किसी तरह का भ्रम नहीं रहता।

Book an online appointment with Dr. Jasleen Kaur Malhotra for Pregnancy & Gynecology related issues

अल्ट्रासाउंड करवाते समय बरती जाने वाली सावधानियां

अल्ट्रासाउंड हमेशा किसी प्रमाणित और अनुभवी सेंटर या अस्पताल में ही करवाएं।

स्कैन के समय डॉक्टर द्वारा बताई गई तारीख और समय का पालन करें, ताकि सही जानकारी मिल सके।

कुछ स्कैन से पहले (जैसे शुरुआती स्कैन) पानी पीकर ब्लैडर भरा रखने की सलाह दी जाती है। इसलिए डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।

रिपोर्ट में कोई शंका होने पर तुरंत अपने गायनेकोलॉजिस्ट से चर्चा करें। खुद अनुमान न लगाएं।

ज़रूरत से ज़्यादा या बिना कारण बार-बार अल्ट्रासाउंड करवाने से बचें। केवल डॉक्टर की सलाह पर ही स्कैन करवाएं।

स्कैन के दौरान पेट पर लगाई जाने वाली जेल से किसी तरह की एलर्जी हो, तो पहले ही टेक्नीशियन को बताएं.

cloudnine book appointment

निष्कर्ष

प्रेगनेंसी के दौरान अल्ट्रासाउंड सिर्फ एक मेडिकल जांच नहीं, बल्कि मां और होने वाले बच्चे की सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है। सही समय पर सही संख्या में स्कैन करवाना यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी संभावित समस्या का पता समय रहते चल जाए। इसलिए यह बेहद ज़रूरी है कि आप अपनी प्रेगनेंसी जर्नी के लिए Cloudnine जैसे भरोसेमंद और अनुभवी मैटरनिटी अस्पताल को चुनें, जहां अनुभवी डॉक्टर, उन्नत तकनीक और पूरी देखभाल के साथ आपकी और आपके बच्चे की सेहत का पूरा ध्यान रखा जाता है।

Want to consult the best gynecologists in India? Please find the links below.

  1. Best Gynecologist Doctor In Hyderabad
  2. Best Gynac Near Me In Bangalore
  3. Best Gynecologist Near Me In Chennai
  4. Best Gynecologist In Chandigarh
  5. Top Gynecologist Doctor In Faridabad
  6. Top Gynaecologist Specialists In Gurugram
  7. Best Gynecologist Specialists In Ludhiana
  8. Top Gynecologist Doctor Near Me In Lucknow
  9. Top Gynac Near Me In New Delhi
  10. Best Gynecologist Doctor Near Me In Mumbai
  11. Best Gynecologist Doctor In Noida
  12. Best Gynac Near Me In Panchkula
  13. Best Gynecologist Near Me In Pune
  14. Best Gynecologist In Ghaziabad
  15. Top Gynecologist Doctor In Jalandhar

Want to consult the best Maternity Packages in India? Please find the links below.

  1. Best Pregnancy Packages In Hyderabad
  2. Best Delivery Package In Bangalore
  3. Best Pregnancy Delivery Package In Chennai
  4. Best Birthing Package In Chandigarh
  5. Top Maternity Package In Faridabad
  6. Best Maternity Package In Gurugram
  7. Best Pregnancy Packages In Ludhiana
  8. Best Delivery Package In Lucknow
  9. Best Pregnancy Delivery Package In New Delhi
  10. Best Birthing Package In Mumbai
  11. Top Maternity Package In Noida
  12. Best Maternity Package In Panchkula
  13. Best Pregnancy Packages In Pune
  14. Best Delivery Package In Ghaziabad
  15. Best Pregnancy Delivery Package In Jalandhar

Get the right solution today

Thank you! Your submission has been received!
Oops! Something went wrong while submitting the form.
Maternity
Gynaecology
Fertility
Neonatal Care
Paediatric Care
NICU
PICU
Radiology
Physiotherapy
Nutrition and Dietetics
Breastfeeding Support
Allied Services
Stem Cell Banking
Bengaluru
Chandigarh
Chennai
Faridabad
Ghaziabad
Gurugram
Hyderabad
Jalandhar
Lucknow
Ludhiana
Mohali
Mumbai
New Delhi
Noida
Panchkula
Pune

Frequently Asked Questions

1. प्रेगनेंसी में कितने अल्ट्रासाउंड ज़रूरी होते हैं?

सामान्य प्रेगनेंसी में आमतौर पर 3 से 4 अल्ट्रासाउंड ज़रूरी माने जाते हैं, लेकिन हाई-रिस्क प्रेगनेंसी में यह संख्या बढ़ सकती है।

2. पहला अल्ट्रासाउंड कब करवाना चाहिए?

पहला अल्ट्रासाउंड आमतौर पर 6 से 9 सप्ताह के बीच करवाया जाता है, ताकि प्रेगनेंसी की पुष्टि हो सके।

3. सबसे महत्वपूर्ण अल्ट्रासाउंड कौन-सा माना जाता है?

18 से 22 सप्ताह के बीच होने वाला एनॉमली स्कैन (लेवल-2 स्कैन) सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें बच्चे के अंगों की विस्तार से जांच की जाती है।

4. क्या ज़्यादा अल्ट्रासाउंड करवाना नुकसानदेह होता है?

डॉक्टर की सलाह के अनुसार करवाए गए अल्ट्रासाउंड सुरक्षित माने जाते हैं। हालांकि, बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के बार-बार स्कैन करवाने से बचना चाहिए।

//form validation// //form validation 2//