गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज होने से बच्चे को होते हैं

"इन्फेंट ऑफ़ डायबिटिक मदर वो बच्चे होते हैं जो जिन माओं को पहले से डायबिटीज की बीमारी चल रही हो या जिनको प्रेगनेंसी में डायबिटीज की बीमारी शुरू होती है उन् बच्चो को कुछ कम्प्लीकेशन आने का चांस होता है | ये कम्प्लीकेशन जादातर अगर माँ को पहले से डायबिटीज हो या पहले तीन महीनो में जब डायबिटीज शुरू होती है उन् बच्चो में कम्प्लीकेशन होने का थोड़ा ज़ादा चांस होते हैं | इसका कॉज के पीछे एक थ्योरी है जिसको हम बोलते हैं मैटरनल ह्य्पेर्ग्ल्य्समिअ फीटल ह्य्पेर्ग्ल्य्समिअ फीटल ह्यपेरिंसुलिनेमिअ थ्योरी | इसका मतलब होता है की मदर की शुगर लेवल ज़ादा होने की वजह से पेट में पल रहे बच्चे की पहले शुगर लेवल बढ़ती है और उसकी वजह से बच्चे की बॉडी में जो इन्सुलिन के बनने की जो मात्रा होती है वो बढ़ने लग जाती है | जो ये ये इन्सुलिन बढ़ता है उसकी बॉडी में उसकी वजह से बॉडी में कुछ बदलाव आते हैं जो ये कम्प्लीकेशन पैदा करते हैं | इनमे जो कॉम्प्लीकेशन्स आ सकती हैं उनमे है हाइपोग्लाइसीमिया यानी की शुगर काम होना | ह्य्पोकाल्सेमिअ यानी कैल्शियम की कमी होना | ह्य्पोमैगनेसेमिअ यानी मैग्नीशियम काम होना "